मधेपुरा। कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के तहत मधेपुरा के पथराहा स्थित संत अवध कीर्ति खेल मैदान में आयोजित मैराथन कार्यक्रम में तीन सरकारी शिक्षकों के शामिल होने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने तीनों शिक्षकों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर विभागीय नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जानकारी के अनुसार, जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ के अनुरोध पर शिक्षा विभाग की ओर से 22 और 23 अगस्त को आयोजित मैराथन के लिए 16 शारीरिक शिक्षा शिक्षकों एवं शारीरिक शिक्षा-सह-स्वास्थ्य अनुदेशकों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
प्रतिनियुक्ति आदेश में कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहकर सहयोग करने का निर्देश
21 अगस्त को जारी आदेश में संबंधित कर्मियों को आयोजन स्थल पर मौजूद रहकर मैराथन के सफल संचालन में सहयोग करने तथा छात्र-छात्राओं को कार्यक्रम में शामिल कराने का निर्देश दिया गया था। इसी प्रतिनियुक्ति के आधार पर तीन सरकारी शिक्षकों के कार्यक्रम में पहुंचने की बात सामने आई।
बाद में सरकारी कर्मचारियों की राजनीतिक दल के कार्यक्रम में ड्यूटी लगाए जाने को लेकर सवाल उठे। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रतिनियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
आदेश रद्द होने के बाद भी कार्यक्रम में पहुंचे शिक्षक
प्रतिनियुक्ति आदेश निरस्त होने के बावजूद मैराथन कार्यक्रम में शामिल होने वाले तीन शिक्षकों से प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी रवि शास्त्री ने स्पष्टीकरण मांगा है। विभाग ने उनसे यह भी पूछा है कि प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द होने के बाद वे किस परिस्थिति में बिना अनुमति कार्यक्रम में शामिल हुए।
स्पष्टीकरण मांगे गए शिक्षकों में सोनाय अनूप उच्च माध्यमिक विद्यालय भान टेकठी, घैलाढ़ के शिक्षक दिलीप कुमार, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय जीतापुर वार्ड नंबर-1 मुसहरी टोला, मुरलीगंज के शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक बालकृष्ण कुमार तथा उत्क्रमित मध्य विद्यालय सकरपुरा के शिक्षक एवं स्वास्थ्य अनुदेशक प्रेम कुमार का नाम सामने आया है।
24 घंटे में देना होगा जवाब
DEO की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 22 अगस्त को संत अवध कीर्ति क्रीड़ा मैदान, पथराहा में आयोजित कांग्रेस कमेटी के मैराथन दौड़ कार्यक्रम में तीनों शिक्षकों के शामिल होने की सूचना मिली है। विभाग ने उनसे प्रतिनियुक्ति आदेश रद्द होने के बाद कार्यक्रम में शामिल होने का कारण स्पष्ट करने को कहा है।
तीनों शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर विभागीय नियमों के तहत अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
DEO ने कहा- आदेश भूलवश जारी हुआ था
प्रभारी जिला शिक्षा पदाधिकारी रवि शास्त्री ने बताया कि शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से संबंधित पत्र भूलवश जारी हो गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद प्रतिनियुक्ति आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया।
अब तीन शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके जवाब के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।

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